सलूंबर (Salumber) से बड़ी खबर है, जहाँ निक्षय पोषण योजना सलूंबर के तहत अब तक लाभार्थियों को कोई भुगतान नहीं मिल पाया है और इससे स्थानीय टीबी मरीजों और उनके परिजनों में भारी मायूसी बनी हुई है। सलूंबर जिला स्वास्थ्य समिति की ताज़ा बैठक में यह बात सामने आई कि योजना के वित्तीय सहायता के पैसे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर नहीं हुए हैं, जिससे सवालों की लड़ी खड़ी हो गई है।
क्या है निक्षय पोषण योजना सलूंबर और क्यों रुक गया भुगतान?
निक्षय पोषण योजना सलूंबर एक सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य टीबी (Tuberculosis) से ग्रसित मरीजों को इलाज के दौरान उचित पोषण और आर्थिक सहायता देना है। इस योजना से मरीजों को हर महीने सहायता राशि प्राप्त होती है ताकि वे इलाज के साथ-साथ पौष्टिक भोजन भी कर सकें। यह योजना भारत सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम का एक हिस्सा है और इसके बारे में आप विकिपीडिया पर निक्षय पोषण योजना के पेज पर भी विस्तृत जानकारी पा सकते हैं।
हालाँकि, सलूंबर में अभी तक इस योजना के तहत किसी भी लाभार्थी को भुगतान नहीं मिला है, जिससे बीमार मरीज पोषण के बिना ही इलाज और दवाइयों पर निर्भर हैं। यह मुद्दा स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला प्रशासन के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
लाभार्थियों की परेशानी: क्यों है नाराजगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि निक्षय पोषण योजना सलूंबर के तहत उनकी मासिक सहायता राशि कई महीनों से अटकी हुई है। मरीज और उनके रिश्तेदार बता रहे हैं कि इलाज के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतें भी मुश्किल से पूरी हो पा रही हैं। कई लोग तो ऐसा कहते हैं कि उन्हें तो यह सहायता चाहिए ही थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति बनी है कि वे अपनी दवाइयों और पोषण सप्लीमेंट खरीदना भी मुश्किल मान रहे हैं।
एक लाभार्थी ने कहा, “हम इस योजना के पैसे के इंतजार में हैं। जब तक पैसा नहीं आता, तब तक पौष्टिक भोजन कैसे ले पायेंगे?” यह सवाल प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया
सलूंबर के जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने स्वास्थ्य समिति की बैठक में निक्षय पोषण योजना सलूंबर के अंतर्गत भुगतान न होने पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को इस मुद्दे का समाधान जल्द से जल्द करना चाहिए और हर एक लाभार्थी तक सहायता राशि पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि योजना सुचारू रूप से चालू हो सके।
कलेक्टर ने बताया कि टीबी स्कैनिंग तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों कि प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कि यह स्थिति और गंभीर हो, अधिकारियों को सक्रिय रूप से काम करना चाहिए और स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधारना चाहिए।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि निक्षय पोषण योजना सलूंबर जैसी योजनाएँ टीबी जैसे गंभीर रोग से उबरने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। जब मरीजों को आर्थिक सहायता और पोषण नहीं मिलेगा, तो इलाज का पूरा असर कम हो सकता है। इसके अलावा, सही समय पर भुगतान न मिलने से लोगों का सरकारी कार्यक्रमों पर विश्वास भी कम हो सकता है।
यह भी ध्यान रखना चाहिए कि यह योजना केंद्र सरकार की व्यापक स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है, जिसे विकिपीडिया के पेज National Health Mission में विस्तार से समझा जा सकता है। नीति के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को सभी रोगियों तक पहुँचाने की कोशिश की जाती है।
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आगे क्या उम्मीद?
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों के बावजूद निक्षय पोषण योजना सलूंबर में देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान निकालता है ताकि लाभार्थियों को समय पर पैसा और पोषण सहायता मिल सके।
लाभार्थी अब अधिकारी के जवाब का इंतजार कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों का विश्वास है कि जल्द ही इस योजना को सुचारू रूप से लागू किया जाएगा और उनके खातों में सहायता राशि ट्रांसफर हो जाएगी।
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